Rajasthan: मकान-दुकान नहीं राजस्थान में यहां बच्चों को रख रहे गिरवी, ‘20,000 में सालभर और 40,000 रुपए में हमेशा के लिए मिल जाते हैं बंधुआ’
बंधुआ बालश्रम केवल बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं है, बल्कि यह कानूनन भी गंभीर अपराध है। कुछ लोग लालच में इस कुप्रथा को जिंदा रखे हैं। आवश्यक है कि ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई हो।डॉ. शैलेन्द्र पण्ड्या, बाल अधिकार विशेषज्ञ एवं पूर्व सदस्य, राजस्थान बाल आयोग Source link