
सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को दिए निर्णय में 2012 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी टीईटी पास करना अनिवार्य माना था। इसके बाद देशभर में हजारों शिक्षकों के सामने नौकरी, प्रमोशन और सेवा सुरक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। इसी पृष्ठभूमि में यह संशोधन प्रस्ताव सामने आया है, इससे पहले से नियुक्त शिक्षकों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। जिनकी नौकरी में पांच साल शेष है, उन्हें परीक्षा में छूट दी गई। बाकी को पास करना अनिवार्य किया था।