
उन्होंने आरोप लगाया कि यह विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीर लापरवाही है, जिससे परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता प्रभावित हुई है और संसाधनों का दुरुपयोग भी हुआ है। महानगर मंत्री कोमल वैष्णव ने कहा कि सुखाड़िया विश्वविद्यालय जनजातीय क्षेत्र का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। ऐसे में इस तरह की लापरवाही विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। परिषद ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच व संबंधित फर्म के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।