
राज्य में प्रसारण तंत्र को वास्तविक मांग के अनुरूप विकसित करने की जरूरत है, ताकि ऊर्जा का बेहतर उपयोग हो सके और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक भार न बढ़े। राजस्थान में वितरण सुधार के बावजूद प्रसारण नेटवर्क पर अपेक्षित निवेश और तकनीकी उन्नयन नहीं होने से समस्या बनी हुई है। यदि समय रहते ग्रिड क्षमता और मैनेजमेंट में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में उपभोक्ताओं पर लागत का दबाव और बढ़ सकता है।