

रामेश्वर परिहार और अरविंद सालवी, दोनों राजकीय कर्मचारी हैं। मुख्यालय से अनुमति लेकर पासपोर्ट आवेदन किया, विभागीय पुष्टि भी भेजी। इसके बावजूद पासपोर्ट विभाग ने सील लगाने वाले अधिकारी की डिटेल और मूल प्रति की मांग कर फाइल अटका दी, जबकि इसे संबंधित विभाग को लिखकर इसकी पुष्टि की जा सकती थी।