

जैसलमेर में हुए एसी स्लीपर बस हादसे के बाद उदयपुर रीजन में परिवहन विभाग अलर्ट मोड पर है। पिछले तीन दिनों से जिले सहित रीजन के सभी पांच जिलों में बसों की चेकिंग की जा रही है। इस दौरान कई बसों में एग्जिट गेट, फायर अलार्म और फिटनेस से जुड़ी गंभीर कमियां मिली हैं।
जिले में तीन दिनों में 15 बसें सीज की गई हैं, जबकि लगभग 45 बसों के चालान बनाए गए हैं और कई बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट सस्पेंड किए गए हैं। बस संचालकों से मॉडिफिकेशन और सुरक्षा उपकरण ठीक कराने के लिए लिखित पत्र भी लिया गया है।
आरटीओ ज्ञानदेव विश्वकर्मा ने बताया कि उदयपुर रीजन में 14 टीमें हाइवे और अन्य पॉइंट्स पर चेकिंग कर रही हैं। उदयपुर, डूंगरपुर, सलूम्बर, चितौड़गढ़ और राजसमंद जिले में कार्रवाई की जा रही है। उदयपुर जिले में सात विशेष टीमों ने शहर के रेटी स्टैंड, बलीचा, भुवाना और अंबेरी सहित कई जगहों पर निरीक्षण किया।
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जांच में कई बसों में बाहर निकलने के रास्ते संकरे पाए गए, फायर सेफ्टी उपकरण अनुपस्थित थे और यात्रियों के साथ अतिरिक्त सामान भरा हुआ मिला। परिवहन विभाग ने पुरानी या मॉडिफाइड बसों के लिए परमिट देने से पहले वायरिंग, एसी इंस्टॉलेशन और फायर सेफ्टी की अनिवार्य जांच करने का निर्देश दिया है।
पिछले हादसों के बाद लंबी दूरी की यात्राओं को लेकर यात्रियों में डर बढ़ा है और वे सुरक्षित यात्रा के विकल्प तलाश रहे हैं।