

शराब कारोबारियों का कहना है कि हरियाणा से निकलने वाला शराब का ट्रक दिल्ली, जयपुर, उदयपुर और फिर बिछीवाड़ा होते हुए गुजरात पहुंचता है। करीब 750 किलोमीटर का यह मार्ग अब तस्करों के लिए कारोबार का जरिया बन गया है। हर स्टेट बॉर्डर पर ड्राइवर बदला जाता है, ताकि कोई एक व्यक्ति पूरी रूट की जानकारी न रख सके। इस रूट के लिए हरियाणा से दिल्ली, दिल्ली से जयपुर और यहां उदयपुर के लिए चालक बदलते हैं। उदयपुर में धरपकड़ के आधार पर चालक स्थानीय या बाहरी तय किया जाता है। इसी चालक को ट्रक पार कराने पर अतिरिक्त बोनस दिया जाता है। बाकी ड्राइवरों को 10 से 15 हजार रुपए मिलते हैं।