
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम तब हुआ है जब प्रो. सुनीता मिश्रा ने 12 सितंबर को गुरुनानक कॉलेज में आयोजित एक सेमिनार में मुगल शासक औरंगजेब को ‘कुशल प्रशासक’ बता दिया था। इस बयान के बाद पूरे मेवाड़ क्षेत्र में आक्रोश की लहर फैली हुई थी। उनके बयान के बाद से ही छात्र संगठनों, ABVP और करणी सेना ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रो. मिश्रा को कुलगुरू पद से हटाने और मेवाड़ छोड़ने की मांग की थी।