
एक टैंकर संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टेंडर के दौरान प्रतिस्पर्धा में 9.91 रुपए की दर आ गई। वर्षों से काम कर रहे थे, इसलिए हामी भर दी, पर पूरे साल घाटा उठाना पड़ा। अनुबंध की शर्तों के कारण बीच में काम छोड़ भी नहीं सकते थे, नहीं तो बैंक सिक्योरिटी जब्त हो जाती। बाकी अन्य ने क्या किया यह कुछ नहीं बताऊंगा। वहीं, कुछ अन्य संचालकों ने इस विषय पर खुलकर बोलने से इनकार कर दिया। एक संचालक ने इतना जरूर कहा इस बार कैसे मैनेज किया, यह नहीं बता सकते, लेकिन अगली बार यह दर नहीं चलेगी।