उदयपुर में प्रख्यात गायिका आशा भोसले के निधन की खबर के बाद शोक की लहर छा गई है। उनके प्रशंसकों और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों के बीच गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है और लोग उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
श्रीनाथजी मंदिर मंडल से जुड़ी स्मृतियां आईं सामने
इस बीच श्रीनाथजी मंदिर मंडल के पूर्व सीईओ दिनेश कोठारी ने आशा भोसले से जुड़ी अपनी मुलाकात की यादें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि यह मुलाकात उनके लिए एक विशेष और भावनात्मक अनुभव रही, जिसे वे आज भी याद करते हैं।
मुंबई में हुई मुलाकात का प्रसंग
दिनेश कोठारी के अनुसार वर्ष 2017 में वे मंदिर मंडल की एक बैठक के सिलसिले में मुंबई गए थे। वहां आकाशवाणी केंद्र में श्रीनाथजी मंदिर, भोईवाड़ा से जुड़े भंडारी अशोक तिवारी के बड़े भाई से मुलाकात के दौरान आशा भोसले की वार्ता का प्रसारण चल रहा था। इसी दौरान अशोक तिवारी ने उनका परिचय आशा भोसले से करवाया।
नाथद्वारा दर्शन की इच्छा जताई थी
कोठारी ने बताया कि बातचीत के दौरान आशा भोसले ने उल्लेख किया कि वे कुछ वर्ष पहले नाथद्वारा आई थीं, लेकिन देर होने के कारण मंदिर के पट बंद हो गए थे और उन्हें दर्शन नहीं हो पाए। उन्होंने इच्छा जताई थी कि वे शीघ्र ही दोबारा आकर श्रीनाथजी के दर्शन करना चाहती हैं।
मंदिर की परंपराओं में दिखाई गहरी रुचि
उन्होंने आगे बताया कि आशा भोसले ने श्रीनाथजी मंदिर की महत्ता और परंपराओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली थी। इस दौरान उन्होंने कोठारी का विजिटिंग कार्ड भी अपने पास रखा था। हालांकि बाद में व्यस्तता के चलते वे नाथद्वारा आकर दर्शन नहीं कर सकीं।
भावुक श्रद्धांजलि और साझा की गई तस्वीर
अब उनके निधन के बाद दिनेश कोठारी ने उस मुलाकात को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने उस समय की एक तस्वीर भी साझा की है, जिसे स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच प्रसारित किया जा रहा है। उदयपुर में उनके प्रशंसकों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच शोक का माहौल है। लोग उनकी कला, योगदान और व्यक्तित्व को याद कर भावुक हो रहे हैं।