कैंपस बनेंगे हाईटेक सुरक्षा जोन, यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ अभय मिशन



कैंपस बनेंगे हाईटेक सुरक्षा जोन, यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ अभय मिशन

अभय सिस्टम की खासियत

– रियल-टाइम मॉनिटरिंग
– पूरे राज्य में नेटवर्क कनेक्टिविटी
– बिना अतिरिक्त खर्च के इंटीग्रेशन
– मोबाइल ऐप से आसान कनेक्शन
– अपराध नियंत्रण में त्वरित प्रतिक्रिया

यह कदम होगा गेम-चेंजर?
– अपराधियों पर हर समय नजर
– घटनाओं पर तुरंत पुलिस एक्शन
– नागरिकों की सीधी भागीदारी
– स्मार्ट सिटी की दिशा में बड़ा कदम

अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए हम सुरक्षा को तकनीकी रूप से और मजबूत बना रहे हैं। इसमें जनभागीदारी सबसे अहम है। जब आमजन के कैमरे भी पुलिस नेटवर्क से जुड़ेंगे, तो यह एक तरह का ‘डिजिटल सुरक्षा जाल’ बन जाएगा, जिसमें अपराधियों के बचने की गुंजाइश बेहद कम होगी।

अजय पाल लाम्बा, महानिरीक्षक पुलिस, स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो, राजस्थान

राजस्थान में शुरू हुई यह पहल केवल एक तकनीकी प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का मॉडल है। विश्वविद्यालयों से शुरू होकर आमजन तक पहुंचने वाला यह नेटवर्क आने वाले समय में राज्य को देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।

प्रो.बी.पी.सारस्वत, कुलपति सुविवि



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