
साइलेंट ऑथेन्टिकेशन डिजिटल बैंकिंग में गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे ओटीपी आधारित फ्रॉड में बड़ी कमी आएगी। सिस्टम यूज़र के व्यवहार और डिवाइस को समझकर जोखिम का आकलन करेगा, जिससे फिशिंग और सिम स्वेप जैसे अपराध शुरुआती स्तर पर ही रोके जा सकेंगे।
श्याम चंदेल, साइबर एक्सपर्ट