
Udaipur News: जीवनयापन का एकमात्र सहारा बना पेट्रोल पंप ही जब हाथ से निकल जाए और उसे वापस पाने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, तो यह किसी भी व्यक्ति के लिए पीड़ादायक स्थिति होती है। जिले की 80 प्रतिशत दिव्यांग महिला इन दिनों इसी संघर्ष से गुजर रही है। अपने अधिकार के पेट्रोल पंप को वापस पाने के लिए वह लगातार अधिकारियों के पास गुहार लगा रही है, पर पांच महीने बीतने के बावजूद अब तक उसे राहत नहीं मिल पाई है।