

परिंदों का आना-जाना वहां की परिस्थिति पर निर्भर करता है। देशभर में जिन इलाकों में गर्मी पहले शुरू हो जाती है, वहां से इनका लौटना जल्दी शुरू हो जाता है। जलाशयों में अब देसी पक्षियों की संख्या अधिक नजर आने लगी है। बर्ड विलेज मेनार में हर साल सर्दियों में ट्रांस-हिमालय के उस पार कई देशों से अनेक प्रजातियों के हजारों पक्षी आते हैं। मेनार एवं आसपास के क्षेत्रों में विदेशी पक्षी हिमालय, चीन, तिब्बत, मंगोलिया, साइबेरिया, कजाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और यूरोप के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचते हैं। सर्दी की हल्की शुरुआत के साथ ही इनका आगमन शुरू हो जाता है। हालांकि कभी कभी ये मार्च के अंतिम और अप्रेल के पहले सप्ताह तक भी देखे गए है।