

वहीं, दूसरा धड़ा वह है जो पूरे मामले को लगातार हवा दे रहा है और घटनाक्रम को सार्वजनिक बहस का विषय बनाए हुए है। तीसरा धड़ा सबसे दिलचस्प माना जा रहा है, यह वह वर्ग है, जो न खुलकर पक्ष में बोल रहा है और न ही विरोध में। इस धड़े में कई ऐसे दिग्गज नाम शामिल हैं, जो पहले कई मुद्दों पर खुलकर विरोध दर्ज कराते रहे हैं। लेकिन ‘उदयपुर फाइल्स’ पर उन्होंने चुप्पी साध रखी है।