

1- राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मामला केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव भी व्यापक है।
2- चुनावी वर्ष के नजदीक आते ही ऐसे मामलों का असर स्थानीय समीकरणों पर पड़ सकता है। इसी कारण दोनों प्रमुख दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
3- भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुटी है, वहीं कांग्रेस मुद्दे को भुना रही है। अब मामला केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चा का भी विषय बना रहा है।