

नतीजतन, आमजन से जुड़े नक्शा स्वीकृति, ले-आउट अनुमोदन, अतिक्रमण हटाने, विकास कार्यों की मॉनिटरिंग और शिकायत निस्तारण जैसे काम का दबाव चुनिंदा अधिकारियों और कार्मिकों पर बढ़ा है। हालांकि, यूडीए अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न पदों पर आवश्यकतानुसार प्लेसमेंट एजेंसियों से भी सेवाएं लेते हैं।