

उदयपुर. अरावली पर्वतमाला के निरंतर क्षरण और इसकी परिभाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित विवाद पर ठोस और दीर्घकालिक निर्णय की मांग करते हुए सामाजिक संगठन ‘नेशन फर्स्ट’ ने राष्ट्रपति, प्रधान न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री तथा राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजा है। सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन उस व्याख्या पर चिंता जताई है, जिसमें 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों को ही अरावली मानने का दृष्टिकोण सामने आया है।