

एलपीजी कंपनियां और वितरक एजेंसियां जिस तरह ई-केवाइसी पूरी करवाने की मुहिम चला रही हैं, उससे नई स्थिति देखने को मिलेगी। जागरूकता बढ़ी, दस्तावेज व जानकारी आसान हुई तो लाभार्थियों की संख्या नहीं घटेगी। वितरण व सब्सिडी निर्बाध रहे तो परिवारों को सस्ते सिलेंडर मिलते रहेंगे। अगर केवाइसी में बाधा, जानकारी की कमी या एजेंसी-स्तर की लापरवाही रही तो सब्सिडी में रुकावट आएगी।