

महिला 20 मिनट तक मदद के लिए चिल्लाई, लेकिन कोई सुन नहीं पाया। इसके बाद जब लोग ऊपर पहुंचे तो टेक्नीशियन को बुलाया गया, लेकिन मदद आने में और समय लगा। इस बीच अंधेरे और घुटन से घबराई महिला बेसुध हो गई। करीब एक घंटे बाद टेक्नीशियन ने दीवार में एक छोटा सुराख किया, जिससे थोड़ी सी हवा आई और पानी दिया गया। दो घंटे के संघर्ष के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।