

फिल्म निर्माण की प्रक्रिया के दौरान दो फिल्में तैयार की गईं, एक को बीच में ही रोक दिया गया और चौथी फिल्म की शूटिंग शुरू भी नहीं हुई। रुपए देने से इनकार करने पर फिल्म निर्माण सामग्री जब्त करने और उसे बेचने की धमकी भी दी गई। बाद में जांच में सामने आया कि वेंडर्स को अधिक भुगतान दिखाकर लगभग 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। डॉ. मुर्डिया की शिकायत पर विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी, बेटी कृष्णा, मुदित बुटहान, गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव, अशोक दुबे और स्थानीय दलाल दिनेश कटारिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।