

बैठक में सभी क्रय केन्द्रों पर छाया, पेयजल, सफाई, नमी मापक यंत्र, ड्रायर और पावर क्लीनर जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रखने का निर्देश दिया गया। किसानों को भुगतान 48 घंटे के भीतर पीएफएमएस के माध्यम से करने की व्यवस्था रहेगी। विभाग इसकी सतत निगरानी करेगा। खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली लागू की जाएगी। एग्री स्टैक आधारित फॉर्म, आईडी के माध्यम से पंजीकरण की प्रक्रिया चरणबद्ध रूप से शुरू होगी।