

राजमार्ग से लेकर शहर के भीतर तक, युवा बाइक सवार हेडफोन और ईयरबड लगाकर ड्राइविंग करते नजर आए। गाने सुनते समय पीछे से हॉर्न न सुन पाना, पीछे से आती गाड़ियां महसूस न करना, यह सब मौत को निमंत्रण देने जैसा है। कई मामलों में सामने से आने वाले वाहन का अंदाजा न होने से हादसे आम होते जा रहे हैं।