

ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ करीब चार घंटे तक घर के अंदर ही रहा। इस दौरान बाहर सैकड़ों लोग जमा हो गए। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे अपने कब्जे में ले लिया। टीम ने ट्रेंकुलाइज गन से तेंदुए को बेहोश किया और पिंजरे में डालकर उदयपुर ले गई।
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गांव के केसर सिंह ने बताया कि यह वही तेंदुआ हो सकता है जो रात में बस्ती में नजर आता था। देर रात करीब 2 बजे उसने एक बाड़े में बने पशुशाला में घुसकर जानवरों पर हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन लोगों के शोर मचाने पर भाग गया था। सुबह वह फिर लौटा और शिकार की तलाश में बस्ती की ओर चला आया। ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में करीब 24 घर हैं और ज्यादातर के पास पशुओं के बाड़े बने हुए हैं, जिनके आसपास झाड़ियां और खेत हैं। यही वजह है कि तेंदुए अक्सर यहां पहुंच जाते हैं।
इस गांव में लेपर्ड ने कुछ दिन पहले मां-बेटे पर हमला कर दिया था। तीन घंटे की मशक्कत के बाद उसे रेस्क्यू किया गया था। लगातार हो रही घटनाओं से अब पूरे क्षेत्र में दहशत है। ग्रामीण अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं और बच्चों को भी घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग अब इस इलाके में गश्त बढ़ा रहा है। विभाग के कर्मचारियों ने आसपास के गांवों में माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक आसपास के जंगलों से भटककर आए ये तेंदुए भोजन और पानी की तलाश में बस्तियों में आ रहे हैं। फिलहाल पकड़े गए लेपर्ड की सेहत ठीक बताई जा रही है और उसे जल्द जंगल में छोड़ा जाएगा।