Udaipur News: तलवारबाजी और फायरिंग के आरोपियों को पुलिस ने सिखाया अनोखा सबक, महिला के वेश में निकाली परेड
Udaipur News: तलवारबाजी और फायरिंग के आरोपियों को पुलिस ने सिखाया अनोखा सबक, महिला के वेश में निकाली परेड


उदयपुर में हाथीपोल थाना पुलिस ने शनिवार को तलवारबाजी और फायरिंग के तीन आरोपियों को पकड़ने के बाद उन्हें ऐसा सबक दिया, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को महिलाओं के कपड़े पहनाकर उन्हीं के इलाके में पैदल जुलूस के रूप में घुमाया। तीनों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था कि “मैं गुंडा हूं”, “मैं समाज पर बोझ हूं” और “मैं तलवारबाजी का आरोपी हूं।” यह नजारा देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए।

पुलिस के इस तरीके का उद्देश्य था इलाके में दहशत फैलाने वाले बदमाशों को समाज के सामने बेनकाब करना। हाथीपोल थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी मोहम्मद राहिल, दानिश उर्फ आतंक सिलावट और मोहम्मद नदीम ने 2 अक्तूबर की रात राजदर्शन होटल के बाहर दो युवकों पर तलवार से हमला कर हवाई फायरिंग की थी। वारदात के बाद तीनों फरार हो गए थे और लगातार ठिकाने बदल रहे थे।

पुलिस ने तकनीकी सहयोग के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। आखिरकार तीनों को शहर से बाहर भागने की कोशिश में दबिश देकर पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त भी तीनों ने पुलिस को चकमा देने के लिए महिलाओं के कपड़े पहन रखे थे।

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गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया, तो अदालत से रिमांड मिलने के बाद टीम ने उन्हें घटनास्थल तक ले जाकर पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान स्थानीय लोग बालकनी और गलियों से यह नजारा देखने जुट गए। कई लोगों ने कहा कि यह तरीका अपराधियों के लिए सबक बनना चाहिए ताकि कोई दोबारा हथियार लेकर कानून हाथ में लेने की हिम्मत न करे।

थानाधिकारी ने बताया कि फिलहाल तीनों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि उनके पास हथियार कहां से आए। पुलिस का कहना है कि इस तरह की “सोशल शेमिंग” कार्रवाई का मकसद सिर्फ सजा देना नहीं, बल्कि समाज में संदेश देना है कि अपराध करने वाला चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून से बच नहीं सकता।

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