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साढ़े चार-पांच हजार साल पुरानी सभ्यता की साक्षी आयड़ नदी, बेड़च, बनास और चंबल होते हुए गंगा तक पहुंचती है, आज वह खुद अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। उत्तर, दक्षिण और पश्चिम के पहाड़ों से आने वाला बरसाती पानी इस नदी में मिलता है और यही नदी उदयपुर के भूजल और झीलों की रीढ़ रही है। लेकिन कथित विकास, अतिक्रमण और लापरवाही ने इसे एक नाले में बदल दिया है।
-जिज्ञासा परमार, आयड़ नदी पर शोधार्थी
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