

यूडीए की योजना के अनुसार करीब 900 मीटर तक 80 फीट चौड़ी सड़क पहले ही बन चुकी है। अब केवल 600 मीटर हिस्से को विकसित करना बाकी है। इस 600 मीटर में भी करीब 300 मीटर हिस्सा सरकारी जमीन पर है, जबकि शेष 300 मीटर निजी खातेदारों की भूमि है, जिसके अधिग्रहण और सहमति की प्रक्रिया चल रही है। कुछ हिस्सों में जमीन का कन्वर्जन और पंचायत स्तर के मामलों के कारण भी काम रुका हुआ है। यही कारण है कि अधिकांश सड़क बनने के बावजूद यह महत्वपूर्ण लिंक रोड अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है।