

उदयपुर में स्कूली वाहन और ऑटो की हड़ताल का शहर में खासा असर नजर आ रहा है। हड़ताल के चलते अभिभावक अपने बच्चों को खुद के वाहन से छोड़ते दिखे, तो कई बच्चों ने वाहन नहीं होने के चलते स्कूल अवकाश रखा। हड़ताल कितने दिन जारी रहेगी यह कहना मुश्किल है, लेकिन स्कूल वैन और ऑटो की इस हड़ताल से बच्चों की पढ़ाई पर असर जरूर पड़ेगा।
बता दें कि कुछ दिनों से शहर में स्कूली बच्चों के ऑटो और वैन चालकों पर की जा रही चालानी कार्रवाई से वाहन चालकों में नाराजगी है। इसके चलते बुधवार काे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई। बीती शाम को उदयपुर के सुखाड़िया सर्कल पर मेवाड़ ऑटो यूनियन, इंडियन ऑटो रिक्शा चालक श्रमिक यूनियन, लेक सिटी ऑटो यूनियन, एकता ऑटो चालक यूनियन और उदयपुर ऑटो टैक्सी यूनियन और उदयपुर बाल वाहिनी संघर्ष समिति की बैठक हुई।
ये भी पढ़ें- आईपीएस पी.डी. नित्या ने संभाला डीसीपी ईस्ट का पदभार, बताया कौन से मुद्दे होंगे प्राथमिक
बैठक में निर्णय लिया गया कि उदयपुर में स्कूली वैन और ऑटो चालकों के चालान काटे जा रहे हैं। बताया गया कि चालान की यह कार्रवाई इसलिए की जा रही कि केवल बाल वाहिनियां ही स्कूली बच्चों को ला सकती हैं, जबकि ऑटो और वैन चालकों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस काम से जुड़े हैं, ऐसे में उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। ऐसे में आज उदयपुर के सभी स्कूलों के ऑटो और वेन ड्राइवर बच्चों को सेवा नहीं दे पाएंगे। यह हड़ताल तब तक रहेगी जब तक स्कूली वाहनों के साथ न्याय नहीं हो जाता, ऑटो व वैन चालकों का कहना है कि हमें स्कूल बाल वाहिनी की श्रेणी में नहीं रखा गया है, जबकि वर्षों से हम यह काम कर रहे हैं, ऐसे में हमारे सामने रोजगार का संकट पैदा हो जाएगा।