

उदयपुर में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण एवं अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। उदयपुर जिले में विशेष संयुक्त अभियान पूरी सख्ती के साथ संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 29 दिसंबर से प्रारंभ हुए इस अभियान के तहत अब तक जिलेभर में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा चुकी है।
जिले में लगातार हो रही सख्त कार्रवाई
जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में गठित संयुक्त निरीक्षण दलों द्वारा अवैध खनन, अवैध भंडारण एवं अवैध निर्गमन के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। खनिज अभियंता आसिफ अंसारी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत अब तक अवैध खनन के 10, अवैध भंडारण का 1 तथा अवैध निर्गमन के 21 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 8 खनन पट्टों का ड्रोन सर्वे भी कराया गया है।
पट्टाधारकों को कारण बताओ नोटिस जारी
दो मेसोनरी स्टोन खनन पट्टों में स्वीकृत सीमा से बाहर खनन पाए जाने पर पंचनामा तैयार कर संबंधित पट्टाधारकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग द्वारा अब तक लगभग तीन करोड़ रुपये की शास्ति आरोपित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर चल रहा विशेष अभियान
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर अरावली विस्तार के 20 जिलों—अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद एवं उदयपुर सहित अन्य जिलों में 29 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक संयुक्त विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला कलेक्टर द्वारा खान, वन, पर्यावरण, राजस्व, पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए उपखंड स्तर पर संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जा रही है तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त मशीनरी एवं वाहनों की त्वरित जब्ती की जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन सर्वेक्षण एवं पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के माध्यम से कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में उत्पादन में असामान्य वृद्धि पाए जाने पर 9 खनन पट्टों को चिन्हित किया गया है। इन पट्टों पर आरएसएमईटी के माध्यम से ड्रोन सर्वे एवं वॉल्यूमेट्रिक गणना कर वास्तविक स्थिति की पुष्टि की जा रही है।