

राजस्थान में अरावली पर्वत श्रृंखला में खनन को मंजूरी दिए जाने के फैसले के विरोध में जनआंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में उदयपुर में स्कूली बच्चे भी अरावली के संरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे और पर्यावरण बचाने की आवाज बुलंद की।
फतेहसागर झील किनारे बच्चों की जागरूकता रैली
उदयपुर की प्रसिद्ध फतेहसागर झील के किनारे बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर रैली निकाली। ‘सेव अरावली’ लिखी तख्तियां थामे बच्चों ने देवाली छोर से फतेहसागर पाल तक मार्च करते हुए नारेबाजी की और अरावली पर्वतमाला को बचाने की अपील की।
अरावली को बताया जीवन और प्रकृति की ढाल
रैली में शामिल बच्चों ने कहा कि अरावली पर्वत श्रृंखला प्राकृतिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह भूजल स्तर को बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण और मानव जीवन की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है। बच्चों का कहना था कि अरावली हम सभी के लिए सुरक्षा कवच है, जिसे कमजोर करने की कोशिशें चिंता का विषय हैं।
शिक्षकों ने भी जताई पर्यावरणीय चिंता
स्कूल शिक्षकों ने रैली के दौरान कहा कि अरावली के कारण क्षेत्र का ग्राउंड वाटर सुरक्षित है और लोगों को शुद्ध हवा तथा ऑक्सीजन मिलती है। उन्होंने खनन की अनुमति को पर्यावरण के लिए घातक बताते हुए सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
आम लोगों का मिला समर्थन
रैली फतेहसागर झील की पाल के पास संपन्न हुई, जहां मौजूद आम नागरिकों ने बच्चों के इस पर्यावरणीय संदेश का समर्थन किया। लोगों ने अरावली संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी बताते हुए आंदोलन को मजबूती देने की बात कही।