

माही, सोम और जाखम नदियों के संगम के त्रिवेणी संगम पर स्थित ये मंदिर आदिवासी आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां हर साल विशाल मेला लगता है। महाशिवरात्रि पर दूर-दूर से श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। यहां का मुख्य आकर्षण स्वयं-भू शिवलिंग है जो स्वयं प्रकट हुए थे।