

बिजली उपभोक्ताओं से बेस फ्यूल सरचार्ज की दर प्रति यूनिट वसूली जा रही है। गत वर्ष तक त्रैमासिक ईंधन अधिभार की वसूली भी रुपए प्रति यूनिट से की जाती थी, लेकिन अप्रेल 2025 से मासिक ‘ईंधन विद्युत क्रय समायोजन अधिभार’ की दर रुपए प्रति यूनिट के बजाय ऊर्जा प्रभार और स्थाई प्रभार पर प्रतिशत के रूप में निर्धारित किया जा रहा है। अतिरिक्त ईंधन और विद्युत क्रय व्यय केवल ऊर्जा प्रभार को प्रभावित करता है। ऐसे में ईंधन अधिभार केवल ऊर्जा प्रभार पर ही लगना चाहिए। स्थायी प्रभार पर भी इसमें जोड़ना अनुचित है।