

उदयपुर में मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के दिवंगत सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ की अंतिम वसीयत को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब और गहरा गया है। इस प्रकरण में उनकी दोनों बेटियों पद्मजा कुमारी और भार्गवी कुमारी ने अदालत में वसीयत को चुनौती दी है।
‘मानसिक रूप से अस्वस्थ थे पिता’
कोर्ट में दायर याचिका में दोनों बेटियों ने दावा किया है कि अरविंद सिंह मेवाड़ अत्यधिक शराब सेवन के आदी थे और मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण विवेकपूर्ण निर्णय लेने की स्थिति में नहीं थे। इसी आधार पर उन्होंने वसीयत को अवैध ठहराने की मांग की है।
संपत्ति बंटवारे पर आपत्ति
बेटियों का कहना है कि मानसिक अस्वस्थता की अवस्था में बनाई गई वसीयत के आधार पर संपत्ति का बंटवारा न्यायसंगत नहीं हो सकता। उन्होंने इसे कानूनन अमान्य मानने की अपील की है।
पुत्र लक्ष्यराज सिंह की तीखी प्रतिक्रिया
इस मामले में अरविंद सिंह मेवाड़ के पुत्र डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने बहनों के आरोपों पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि संपत्ति के लालच में उनके पिता की छवि को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने अपने पिता को पूरी तरह मानसिक रूप से स्वस्थ बताया और इसे देवतुल्य पिता की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम करार दिया।
यह भी पढ़ें- Rajasthan: पायलट की रैली में भीड़ जुटाने का आरोप, पैसे न मिलने पर में थाने पहुंचा मामला; कांग्रेस ने क्या कहा?
वसीयत और संपत्तियों का विवरण
अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन 16 मार्च 2025 को हुआ था। इससे पहले 7 फरवरी 2025 को उन्होंने अपनी अंतिम वसीयत उप-पंजीयक कार्यालय में पंजीकृत कराई थी, जिसमें अपनी सभी स्व-अर्जित संपत्तियों का एकमात्र उत्तराधिकारी पुत्र लक्ष्यराज सिंह को बनाया गया था। इनमें शिकारवाड़ी की भूमि, मुंबई स्थित मेवाड़ हाउस का हिस्सा, दार्जिलिया हाउस, अन्य अचल संपत्तियां और कंपनियों के शेयर शामिल हैं।
शेयर और निदेशक पद से जुड़ा पक्ष
लक्ष्यराज सिंह ने कोर्ट को बताया कि अगस्त और दिसंबर 2024 में दोनों बहनों ने कुछ कंपनियों के शेयर पिता को गिफ्ट किए थे, जिसे उन्होंने स्वीकार किया था। जनवरी 2025 में पिता के कहने पर दोनों बहनों ने उन कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा भी दे दिया था।
अब दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
इस मामले से जुड़े प्रकरण जोधपुर और मुंबई हाईकोर्ट में लंबित थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी 2026 को निर्धारित है।