मेवाड़ के जंगल हर साल आग की चपेट में, अकेले उदयपुर में करीब 1000 घटनाएं
मेवाड़ के जंगल हर साल आग की चपेट में, अकेले उदयपुर में करीब 1000 घटनाएं



वन विशेषज्ञों के अनुसार जंगलों को आग से बचाने के लिए फायर लाइन बनाना सबसे प्रभावी उपाय है। इसके तहत बड़े वन क्षेत्र को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर उनके बीच लगभग 10 मीटर चौड़ी पट्टी में घास काट दी जाती है, ताकि आग एक हिस्से से दूसरे हिस्से में न फैल सके। एक हेक्टेयर क्षेत्र में फायर लाइन बनाने पर करीब 8000 रुपए खर्च आते हैं। 2753.39 हेक्टेयर वन क्षेत्र वाले उदयपुर जिले में हर साल इसके लिए करीब 2 करोड़ रुपए से अधिक की आवश्यकता होती है, लेकिन इसके मुकाबले बजट बहुत कम मिलता है। कई बार यह बजट भी समय पर नहीं मिलता।



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