

राजनाथ सिंह ने महाराणा भूपाल सिंह के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान और साक्षरता बढ़ाने के प्रयासों को याद किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत के साथ परंपरागत ज्ञान तथा आधुनिक शिक्षा का संतुलित समन्वय है। नई शिक्षा नीति में विचारशील, संवेदनशील और चरित्रवान पीढ़ी तैयार करने का लक्ष्य है, जो समाज की समस्याओं का समाधान कर सके।