
हमले के बाद खेड़ा गांव से पलायन कर चुके ग्रामीण अभी नहीं लौटे हैं। ग्रामीणों ने सरकारी भवनों और रिश्तेदारों के यहां डेरा डाल रखा है।
गौरतलब है कि लगातार दो दिन में पैंथर ने 5 लोगों पर हमला किया था। जिनमें से लोगरलाल मीणा (45) की मौत हो गई थी। वहीं, जग्गा मीणा (60) हितेश (20), कालू (40) और लोगरी बाई (45) की हालत अब ठीक बताई जा रही है। पैंथर का पहला हमला मंगलवार देर शाम को हुआ था, जिसमें एक युवक घायल हो गया था।