

लंबे इंतजार के बाद भी उदयपुर से पुणे की डायरेक्ट फ्लाइट शुरू नहीं हो सकी। इंडिगो एयरलाइंस ने 26 अक्तूबर से शुरू होने वाली उड़ान को अंतिम समय पर स्थगित कर दिया है। इससे शहर के यात्रियों, व्यापारियों और छात्रों में निराशा और नाराजगी का माहौल है।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, परिचालन संबंधी चुनौतियां और अनुमानित कम बुकिंग इस रूट को टालने की मुख्य वजह बताई जा रही हैं।
यह उड़ान विंटर शेड्यूल (26 अक्तूबर 2025 से 28 मार्च 2026) में शामिल थी और तय शेड्यूल के अनुसार उदयपुर से शाम 6 बजे उड़ान भरनी थी, जबकि पुणे से शाम 5:20 बजे आगमन निर्धारित था। यात्रा की अवधि करीब 1 घंटे 40 मिनट रखी गई थी। वर्तमान में यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स से 7 से 8 घंटे का लंबा सफर तय करना पड़ता है, जो सीधी उड़ान की अनुपस्थिति में असुविधा का कारण बन रहा है।
क्षेत्रीय विकास और सुविधा दोनों पर असर
उदयपुर से पुणे की डायरेक्ट फ्लाइट सिर्फ यात्रा सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, शिक्षा और व्यापारिक संबंधों से भी जुड़ी है। पुणे देश का प्रमुख आईटी, शिक्षा, ऑटोमोबाइल और स्वास्थ्य केंद्र है, जबकि उदयपुर एक तेजी से उभरता टूरिज्म, एजुकेशन और इंडस्ट्रियल हब बन चुका है। दोनों शहरों के बीच बड़ी संख्या में छात्र, पेशेवर और व्यापारी नियमित आवाजाही करते हैं।
व्यापारी संगठनों का कहना है कि इस रूट के बंद रहने से बिजनेस ट्रैवल पर सीधा असर पड़ रहा है। वहीं, छात्रों का कहना है कि उन्हें हर बार मुंबई या दिल्ली होकर घूमकर पहुंचना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
विंटर शेड्यूल में छह शहरों तक उड़ानें
उदयपुर एयरपोर्ट से फिलहाल दिल्ली, मुंबई, जयपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु और इंदौर के लिए उड़ानें संचालित हैं। इस बार के विंटर शेड्यूल में कुल 28 से 29 उड़ानें प्रस्तावित थीं और पुणे जुड़ने से यह नेटवर्क सात प्रमुख शहरों तक पहुंचने वाला था। अब एक बार फिर यह मौका टल गया है, जिससे शहर की हवाई कनेक्टिविटी सीमित दायरे में ही रह गई है।
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विशेषज्ञों ने उठाए एविएशन रणनीति पर सवाल
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि नए सेक्टर में शुरुआत में कम यात्री संख्या सामान्य होती है। लेकिन अगर प्रमोशन, कनेक्टिंग रूट्स और कॉर्पोरेट टाई-अप्स पर ध्यान दिया जाए तो रूट को स्थायी बनाया जा सकता है। उदयपुर जैसे पर्यटन और व्यापारिक शहर के लिए पुणे, चेन्नई और कोलकाता जैसी उड़ानों की जरूरत है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन और विकास को गति मिल सके।
एक विशेषज्ञ के अनुसार, देश के छोटे एयरपोर्ट्स तक डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू हो रही हैं, लेकिन उदयपुर जैसे वैश्विक टूरिस्ट डेस्टिनेशन को बार-बार दरकिनार करना नीतिगत असंतुलन दिखाता है।
यात्रियों की निराशा
यात्रियों ने कहा कि एयरलाइंस को बार-बार फ्लाइट शेड्यूल बदलने के बजाय स्थिरता लानी चाहिए। कई बुकिंग पहले से हो चुकी थीं, जिन्हें अब रद्द करना पड़ा। स्थानीय उद्योगजगत और टूर ऑपरेटर्स का मानना है कि इस उड़ान से व्यापारिक संपर्कों के साथ-साथ पर्यटन को भी नया आयाम मिलता।
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