

उन्हें राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में पैंथर की आवाजाही लगातार बढ़ी हुई है। कई लोगों ने रात के समय खेतों और पानी के कुंडों के पास पैंथर को घूमते देखा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, पिंजरा लगाने और पैंथर को पकड़ने की मांग की है।