

गलती से बच्चा बदल गया था, लेकिन अस्पताल में प्रसव से संबंधित रिकॉर्ड पूरा है। दरअसल, पहले प्रसव का बच्चा पहले, जबकि दूसरे प्रसव की प्रसूता को पहले बाहर भेज दिया। ऐसे में गलतफहमी हो गई। परिजनों को संदेह है। उनकी मांग पर डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा। रिपोर्ट 15 दिन बाद आएगी। परिजनों को समझाया है कि वे फिलहाल अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार अपना बच्चा मानें। डीएनए रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
-योगेंद्र व्यास, सीआई, हाथीपोल थाना