

उदयपुर. यातायात दबाव और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए बलीचा तिराहा अब आधुनिक स्वरूप लेगा। मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के अंतर्गत इस तिराहे के री-इंजीनियरिंग और रोटरी निर्माण (घूमने वाला) कार्य को मंजूरी दी गई है। कार्य पूरा होने के बाद यह तिराहा शहर के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर जाम और हादसों से राहत देगा।वर्तमान में बलीचा तिराहे पर पीक ऑवर में लगभग 2970 पीसीयू वाहन यातायात दर्ज किया है। पीसीयू यातायात एक समान पैमाने पर मापने की इकाई है, जिसका अर्थ पैसेंजर कार यूनिट है। पिछले वर्षों में यहां भारी वाहन, शहर से गुजरने वाले ट्रक और बाहरी ट्रैफिक के कारण लगातार जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति रहती थी। एनएचएआइ के सिक्सलेन बाईपास मार्ग बनाने पर इस तिराहे पर भारी वाहनों का दबाव कम हो गया, लेकिन स्थानीय और शहर से बाहर जाने वाले वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते इस तिराहे को दुर्घटना और जाम मुक्त बनाने के लिए यहां री-इंजीनियरिंग का काम को मंजूरी दी गई। यूडीए ने डीपीआर तैयार कर टेंडर कॉल किए हैं।