

विभाग ने जीआर इन्फ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड (GR Infraprojects Limited) के करीब 40 ठिकानों पर जांच शुरू की है। इसके साथ ही राजीव कुमार विजय, विकास गर्ग, पेस इंफ्रा टेक और डिसेंट कॉन्ट्रेक्टर से जुड़े दफ्तरों में भी दस्तावेजों की जांच चल रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई वित्तीय लेन-देन और टैक्स अनुपालन से जुड़ी जांच के तहत की जा रही है।
उदयपुर में कंपनी के लगभग 10 कार्यालयों पर तलाशी ली जा रही है। आयकर विभाग की टीमें हिरणमगरी सेक्टर-11 के गवरी चौक, अंबामाता, कलड़वास, मधुवन, सुखाड़िया सर्कल और गोवर्धन विलास क्षेत्र में मौजूद हैं। सभी ठिकानों पर अधिकारियों ने दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
कार्रवाई का नेतृत्व आयकर आयुक्त भैराराम चौधरी कर रहे हैं। उनके साथ उप निदेशक अक्षय काबरा और सहायक आयुक्त माया चहर सहित कई अधिकारी मौजूद हैं। जयपुर के श्यामनगर स्थित ग्लोबल बिल्डस्टेट कंपनी का कार्यालय इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र बताया जा रहा है। विभाग ने इससे जुड़े करीब 10 सब-कॉन्ट्रेक्टरों के ठिकानों पर भी टीमें भेजी हैं।
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जीआर इन्फ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड देशभर में हाईवे और रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली प्रमुख कंपनी है। कंपनी का वार्षिक टर्नओवर करीब 8 हजार करोड़ रुपए है। राजस्थान में कंपनी अब तक 16 प्रमुख प्रोजेक्ट पूरे कर चुकी है, जिनमें फलौदी-जैसलमेर, लाम्बिया-रायपुर, पारसोली-गुलाबपुरा, जोधपुर-बाड़मेर, सूरतगढ़-श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़-रतनगढ़ और रींगस-सीकर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
आयकर विभाग ने बताया कि जांच पूरी होने तक किसी भी अधिकारी द्वारा आधिकारिक बयान जारी नहीं किया जाएगा। सभी ठिकानों से दस्तावेज, कंप्यूटर और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए जा रहे हैं। विभाग ने इसे नियमित जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।