
उदयपुर: “मेरी मंजिल मेरा हौंसला देखकर, डर मुझे भी लगा फासला देखकर, पर मैं बढ़ता गया रास्ता देखकर, खुद-ब-खुद मेरे नजदीक आती गई, मेरी मंजिल मेरा हौंसला देख कर” किसी कवि की लिखी इन चंद पंक्तियों के जरिए हम आपको वाकिफ करा रहे हैं, एक ऐसे ठेठ देहाती युवक की बेहद रोचक और प्रेरणादायी कहानी से, जिसने जुनून और जज्बे से न केवल हालात को हरा दिया, बल्कि कड़ी मेहनत से कामयाबी का ऐसा सफर तय किया कि अब वह सोशल मीडिया पर हीरो है। इसके 10 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर हैं।
