
पिछले नौ महीने से होटलों के लाइसेंस की प्रक्रिया अटकी थी। होटल व्यवसायी नगर निगम के चक्कर लगा रहे थे, पर निगम उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन का हवाला देकर प्रक्रिया को टाल रहा था। होटल मालिकों ने स्वायत्त शासन विभाग और राज्य सरकार तक अपनी मांग पहुंचाई। नौ महीने बाद अब होटल मालिकों को राहत मिली है, जबकि अन्य शहरों में यही नियम लागू थे।
