
इसी बीच उदयपुर-झाड़ोल-ईडर को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 58 ई पर रविवार देर रात से रुक-रुककर लैंडस्लाइड हो रही है। अंडावेला क्षेत्र में पहाड़ियों से बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे अलसुबह हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अचानक हुए इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर सड़क साफ करने का काम शुरू किया। सूचना मिलने पर झाड़ोल थाने से पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभालने में जुट गई। सुबह साढ़े आठ बजे तक छोटे वाहनों के निकलने लायक रास्ता बना दिया गया था लेकिन बसों और ट्रकों की आवाजाही भी रुकी हुई है। प्रशासन की मशीनरी मौके पर पहुंचकर हाईवे को पूरी तरह साफ करने का प्रयास कर रही है।
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इधर कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों में भी सोमवार सुबह फिर ऊफान आ गया है। आयड़ नदी के तेज बहाव ने किसानों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। नदी में जलस्तर बढ़ने से उदयसागर झील से सटे कई गांवों की फसलें जलमग्न हो गईं। कानपुर, नदी वाला खेड़ा, भोईयों की पंचोली, खरबड़िया, मटून और लकड़वास गांवों के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसलें पानी में बह गईं और कई जगह खेतों की मिट्टी भी कटकर बह गई है। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों तक जिले में बारिश का दौर जारी रहेगा। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। पहाड़ी और नदी किनारे के इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हो रही बारिश से लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसे हालात लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं।