Panther Spotted On Gogunda Road, Villagers In Panic – Udaipur News


उदयपुर जिले के गोगुंदा उपखंड क्षेत्र में शनिवार देर रात पैंथर की आवाजाही से हड़कंप मच गया। नांदेशमा–ढोल मार्ग पर भाड़ा महादेव मंदिर के पास करीब आधे घंटे तक पैंथर इधर-उधर घूमता रहा। इस दौरान सड़क से गुजर रहे दो वाहनों में सवार लोगों ने पैंथर की मूवमेंट को मोबाइल कैमरे में कैद किया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है।

पहला वीडियो हेमंत श्रीमाली ने बनाया, जो अपने मित्र दयालाल कुमार और लहरीलाल सेन के साथ पलासमा से नांदेशमा लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि पैंथर पहले तो सड़क किनारे बैठा था, लेकिन जैसे ही उनकी कार की हेडलाइट उस पर पड़ी, वह अचानक बीच सड़क पर आ गया और टहलने लगा। कार सवारों ने हिम्मत नहीं हारी और गाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खिड़कियां बंद करने और धीरे-धीरे आगे बढ़ने की सलाह एक-दूसरे को देते रहे। उन्होंने करीब से वीडियो रिकार्ड किया और फिर बिना पैंथर को परेशान किए वहां से सुरक्षित निकल गए।

पत्नी और दो बच्चों के साथ उदयपुर से गांव लौट रहे थे

करीब आधे घंटे बाद उसी स्थान पर बड़गांव निवासी गिरिराज श्रीमाली अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ उदयपुर से गांव लौट रहे थे। उन्होंने भी कार से पैंथर का वीडियो बनाया। बताया जा रहा है कि पैंथर लंबे समय तक एक ही जगह पर सक्रिय रहा।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से क्षेत्र में पैंथर की लगातार मूवमेंट देखी जा रही है। हालांकि, अब तक किसी व्यक्ति या पशु पर हमला नहीं हुआ है, जिससे यह माना जा रहा है कि पैंथर स्थायी रूप से आसपास के जंगल में डेरा डाले हुए है। बावजूद इसके, देर रात मुख्य मार्गों पर उसका इस तरह आ जाना राहगीरों के लिए खतरे का संकेत है।

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वीडियो रिकॉर्डिंग करना जोखिम भरा

वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ सतीश शर्मा कहना है कि वाहन से बार-बार पैंथर का वीडियो रिकॉर्डिंग करना जोखिम भरा है, क्योंकि अचानक वह आक्रामक हो सकता है। यदि पैंथर वाहन पर झपटता है तो खिड़कियां खुली होने की स्थिति में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। हालांकि, ग्रामीणों ने इस घटना की जानकारी वन विभाग को दे दी है और इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पैंथर को देखकर वीडियो बनाने या उसके पास जाने की बजाय तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि उसकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा भी बनी रहे।

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