
संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने अपने विधानसभा क्षेत्र लूणी के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्कूलों की सुरक्षा को लेकर समीक्षा की।
झालावाड़ के पीपलोदी में हुए स्कूल हादसे के बाद प्रदेश भर में स्कूलों की सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क होती नजर आ रही है। शनिवार को संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने अपने विधानसभा क्षेत्र के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्कूलों की स
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तत्पश्चात मंत्री पटेल ने ‘भास्कर’ से बातचीत में कहा कि झालावाड़ की घटना दु:खद है और इस तरह की प्रदेश में कोई और घटना नहीं हो, इसके लिए सरकार का पूरा फोकस है। आज की समीक्षा बैठक में सामने आया है कि लूणी विस क्षेत्र में 8-10 स्कूलें जर्जर स्थिति में हैं। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए सभी विभागों को निर्देशित किया कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भवनों के मरम्मत व निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। जर्जर भवनों का इस्तेमाल तब तक नहीं होगा जब तक उनकी मरम्मत पूरी नहीं हो जाती।
स्कूलों के डवलपमेंट पर बजट, विधायक कोष से भी दिया फंड
मंत्री पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हालिया दो बजट में स्कूल भवनों की मरम्मत व निर्माण के लिए 625 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं लूणी क्षेत्र में विधायक निधि से 31 कक्षा-कक्षों के निर्माण के लिए 2.42 करोड़ व मरम्मत कार्यों के लिए 35 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में कुल 2.77 करोड़ रुपये स्कूलों के विकास के लिए स्वीकृत हुए हैं।
विभागों को तालमेल से काम करने के निर्देश
पाल रोड पर स्थित पंचायत समिति लूणी कार्यालय में पटेल ने लूणी विधानसभा क्षेत्र की शिक्षा विभाग, पंचायती राज, सार्वजनिक निर्माण विभाग और समसा की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दिखाई गई और कई ठोस दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसमें पटेल ने अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश –
- मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सार्वजनिक निर्माण विभाग के साथ मिलकर सभी भवनों का निरीक्षण कर रिपोर्ट दें।
- अधिक नामांकन वाले जर्जर स्कूलों में वैकल्पिक शिफ्टिंग प्लान लागू किया जाएगा।
- साफ-सफाई, बिजली व पानी: सभी स्कूलों में बिजली-पानी कनेक्शन, खुले तारों की मरम्मत, अनुपयोगी सामग्री का निस्तारण व स्वच्छता अभियान के निर्देश।
- शौचालय, जल-भराव और इंटरलॉकिंग: जहां शौचालय नहीं हैं वहां निर्माण, जलभराव वाले स्कूलों में इंटरलॉकिंग और ड्रेनेज का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश।
निर्माण व गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं
समसा के अधिकारियों को सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा व उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने, यू-डाइस पर आंकड़ों की अपडेटिंग और भवन विहीन स्कूलों के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए। इसी तरह, सार्वजनिक निर्माण विभाग को स्कूल परिसरों में गति सीमा (स्पीड लिमिट) के साइनेज व स्पीड ब्रेकर लगाने और जर्जर स्कूलों की तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश मिले। पंचायती राज विभाग को शौचालय, ड्रेनेज व वॉटर हार्वेस्टिंग के कार्य स्वीकृत करने के आदेश दिए।
ये प्रमुख अधिकारी रहे बैठक में मौजूद
बैठक में उपखंड अधिकारी लूणी पुखराज कंसोटिया, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सीमा शर्मा, एडीपीसी समसा हिम्मत सिंह, तहसीलदार लूणी इमरान, तहसीलदार झंवर देवाराम, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता मोहम्मद शरीफ, विकास अधिकारी लूणी कंवरलाल सोनी, धवा ओमप्रकाश, केरू गिरधारीराम, सीबीईओ लूणी शमीम बानो, सीबीईओ धवा गुलेन चौधरी व पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।