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राजस्थान सरकार की बेरोजगार युवाओं के प्रति उदासीनता और बार-बार की अनसुनी के खिलाफ मंगलवार को उदयपुर की सड़कों पर युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा। युवा मित्र संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों युवाओं ने अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे पूरे शहर में हलचल मच गई। यह विरोध रैली नगर निगम कार्यालय से प्रारंभ होकर संभागीय आयुक्त कार्यालय तक पहुंची। जहां प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
‘बिना कारण हटाए गए हजारों युवा, सरकार से बहाली की मांग’
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने बताया कि वे पहले विभिन्न सरकारी सेवाओं में कार्यरत थे, लेकिन बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें सेवा से हटा दिया गया। प्रदेशभर में करीब 5000 से अधिक युवा ऐसे हैं, जो वर्षों की मेहनत, अनुभव और सेवा के बावजूद बेरोजगार हो गए हैं। युवाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार सरकार से अपील की, लेकिन अब तक न कोई सुनवाई हुई और न ही कोई समाधान निकाला गया।
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प्रदर्शनकारी युवाओं ने संभागीय आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने अर्धनग्न होकर सड़कों पर चलकर न केवल अपनी पीड़ा जताई, बल्कि यह भी दिखाया कि अब हालात न्याय की गुहार से आगे निकल चुके हैं। संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष संजय मीणा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सरकार से मांग की गई कि सभी हटाए गए युवाओं की तत्काल बहाली की जाए।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
संजय मीणा ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। जिन युवाओं ने वर्षों तक सरकारी सेवाओं में काम किया, उन्हें बिना ठोस कारण दरकिनार कर दिया गया। अब हम चुप नहीं बैठेंगे।
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